यह घटना छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की है, जहां एक युवा कॉन्ग्रेस नेता हेमंत बघेल पर एक युवती के साथ दो साल तक यौन शोषण करने और उसे गर्भवती होने पर पीटने का आरोप लगा है। यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम से शुरू हुआ, जहां हेमंत ने युवती से दोस्ती की और बाद में उसे शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
युवती के अनुसार, हेमंत ने 28 जनवरी 2023 को पहली मुलाकात में ही उसके साथ जबरदस्ती की। इसके बाद उसने दो साल तक युवती का यौन शोषण जारी रखा। जब युवती गर्भवती हो गई, तो हेमंत ने शादी से इनकार कर दिया और उसे पीटा। इसके बाद युवती ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत मिलने के 24 घंटे के अंदर ही हेमंत बघेल को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 376 (बलात्कार), 376(2)(व) (अपराधी द्वारा विश्वास का दुरुपयोग करके यौन संबंध बनाना), 294 (अश्लील कृत्य) और 323 (मारपीट) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से युवतियों को फंसाने और उनका शोषण करने की चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर करता है। पीड़िता ने साहस दिखाते हुए अपने खिलाफ हुए अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई है, जो एक सराहनीय कदम है। अब यह देखना जरूरी है कि न्यायिक प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ती है और पीड़िता को न्याय मिलता है या नहीं।
इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई और त्वरित न्याय सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि ऐसे अपराधियों को सबक मिल सके और समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हो सके।